इस कदर इस जहाँ में जिंदा हूँ मैं,
हो गयी थी भूल अब शर्मिंदा हूँ मैं,
मेरी कोशिश है कि ना हो तेरी दुनिया में कोई गम,
तू आवाज़ दे गगन से एक परिंदा हूँ मैं।
मेरी कोशिश है कि ना हो तेरी दुनिया में कोई गम,
तू आवाज़ दे गगन से एक परिंदा हूँ मैं।
Prakash modi
1/17/2017 10:54:00 pm
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